आयकर स्लैब 2021-2022
Close
Close

Buy a Life Insurance Plan in a few clicks

Now you can buy life insurance plan online.

Kotak e-Term Plan

Protect Your family’s financial future with Kotak e-Term Plan. Know more

Kotak Assured Savings Plan

A plan that offer guaranteed returns and financial protection for your family. Know more

Kotak Guaranteed Savings Plan

A plan that offers long term savings and insurance in one premium. Know more

Kotak e-Invest

Insurance and investment in one plan with Kotak e-Invest. Know more

Kotak Health Shield

Insurance against medical expenses related to heart, brain, liver and Cancer. Know more

आयकर स्लैब 2021-2022
  • 16th Jun 2022 |
  • 3,784

यह कोई नई एवं आश्चर्यचकित कर देने वाली खबर नहीं है कि भारत में प्रत्येक करदाता एक विशेष स्लैब प्रणाली के अनुसार आयकर का भुगतान करते हैं। अलग-अलग आय श्रेणियों के लिए अलग-अलग कर दरें निर्धारित की जाती हैं और सभी भुगतान इन पूर्व-निर्धारित स्लैब के आधार पर किए जाते हैं। इतना ही नहीं, इस तरह के कर सरकार को एक प्रगतिशील और न्यायसंगत कर प्रणाली बनाने में मदद करते हैं।

भारतीय वित्त मंत्रालय अलग-अलग टैक्स स्लैब और कटौतियों को एक निर्धारित अंतराल पर जारी करता है जिसके परिणामस्वरूप नए प्रारूप तैयार होते हैं। इस प्रकार के समायोजन यह सुनिश्चित करते हैं कि देश और उसके निवासी बड़े तथा वैश्विक स्तर पर होने वाले लगातार बदलते आर्थिक विकास से लाभान्वित हों। निर्धारण वर्ष 2021-22 के लिए आयकर दरों को उन संशोधनों के साथ बदल दिया गया है जो नई कर व्यवस्था के तहत सभी वर्तमान और भविष्य के करदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।

यदि आप करों की धारणा से अपरिचित हैं, तो आप सोच रहे होंगे कि आयकर में निर्धारण वर्ष अथवा आकलन वर्ष किसे कहते हैं? निर्धारण वर्ष की अवधारणा इतनी जटिल नहीं है। यह वर्तमान वित्त वर्ष के ठीक बाद का वर्ष है। वित्तीय वर्ष (financial year) और निर्धारण वर्ष (Assessment Year) दोनों 1 अप्रैल से शुरू होते हैं और 31 मार्च को समाप्त होते हैं। निर्धारण वर्ष वह समय अवधि है, जिसके दौरान एक वित्तीय वर्ष के दौरान उत्पादित आय मूल्यांकन योग्य और कर योग्य होती है।

आयकर जैसे विषय को विस्तार में समझने से पूर्व यह बात ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान कर वर्ष 2021-2022 को आकलन वर्ष/निर्धारण वर्ष के रूप में जाना जाता है।

आयकर स्लैब 2020-21 (पुरानी व्यवस्था)

आय स्लैब (₹)

पुरानी व्यवस्था

(छूट और कटौती के साथ)

₹2.5 लाख तक

शून्य

₹2.5 - 5 लाख तक

5%

₹5 - 7.5 लाख तक

20%

₹7.5 - 10 लाख तक

20%

₹10 - 12.5 लाख तक

30%

₹12.5 - 15 लाख तक

15 लाख से अधिक

आयकर स्लैब 2021-22 के तहत बीमा और पेंशन कर

  • धारा 80 सी

पीपीएफ, ईपीएफ, एलआईसी प्रीमियम (जीवन बीमा), इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम, हाउस लोन पर मूल भुगतान, और स्टांप ड्यूटी जैसे सभी निवेश धारा 80 सी के तहत कटौती के लिए मान्य होते हैं। इसका अर्थ यह है की यदि कोई करदाता ऊपर उल्लिखित किसी भी निवेश साधन में निवेश करता है, तो वे कर कटौती का लाभ उठाने के पात्र होंगे।

  • धारा 80 डी

धारा 80 डी के अनुसार कोई भी करदाता अपने, अपने जीवनसाथी और बच्चों के स्वास्थ्य बीमा के लिए ₹25,000 तक के कर कटौती का लाभ उठा सकता है। इसके अलावा, यदि करदाता एक वरिष्ठ नागरिक हैं तो वह ₹50,000 तक की कटौती के पात्र होंगे।

  • धारा 80 जी

इस धारा के नियमों और प्रावधानों के अनुसार, विभिन्न गैर-लाभकारी संगठनों (नॉन-प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन) को कर-कटौती योग्य निवेश की अनुमति होती है।

  • धारा 80 सीसीडी

इस धरा के तहत, एनपीएस (NPS) खाते में निवेश किए गए धनराशि के लिए, ₹50,000 की वृद्धिशील कटौती की अनुमति है।

आयकर स्लैब 2021-22 (नई व्यवस्था)

कर स्लैब

नई आयकर व्यवस्था

₹2.5 लाख तक

शुन्य

₹2.5 लाख - ₹5 लाख

कुल आय का 5%

₹5 लाख - ₹7.5 लाख

₹12,500 + कुल आय का 10%

₹7.5 लाख - ₹10 लाख

₹37,500 + कुल आय का 15%

₹10 लाख - ₹12.5 लाख

₹75,000 + कुल आय का 20%

₹12.5 लाख - ₹15 लाख

₹1,25,000 + कुल आय का 25%

₹15 लाख से अधिक

₹1,87,5000 + कुल आय का 30%

कटौतियाँ जिनका दावा नई व्यवस्था के तहत नहीं किया जा सकता

नई कर व्यवस्था के तहत, कई कटौती और छूट अब मान्य नहीं हैं। यदि आप वेतनभोगी व्यक्ति, व्यवसाय या किसी भी अन्य पेशे से वेतन कमाते हैं, तो नीचे दी गई सूची में मौजूद सभी कटौतियाँ नई कर प्रणाली के अनुसार मान्य नहीं होंगी।

  • वेतनभोगी व्यक्तियों द्वारा ₹50,000 की मानक कटौती का दावा
  • एलटीए (Leave Travel Allowance)
  • वेतन और किराए की राशि के आधार पर एचआरए (House Rent Allowance )
  • अधिकतम ₹2,500/- का व्यावसायिक कर (Professional Tax)
  • धारा 80TTA और 80TTB के तहत उपलब्ध कटौती जो बचत खाते/जमा से प्राप्त ब्याज होता है
  • मनोरंजन भत्ते पर कर कटौती और सरकारी कर्मचारियों के लिए पेशेवर कर पर कटौती
  • स्व-अधिकृत या किसी खाली संपत्ति के लिए गृह ऋण पर देय ब्याज राशि
  • धारा 57 के खंड (ii) (ए) के तहत पारिवारिक पेंशन से ₹15,000 की कटौती
  • व्यावसायिक पेशेवरों द्वारा धारा 10एए के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्रों को छूट का नुकसान
  • आयकर अधिनियम की धारा 32AD, 33AB, 33ABA, 35(1)(ii),35(1)(ii((a), 35(1)(iii), 35(2AA), 35AD और 35CCC) के अनुसार कटौती
  • आयकर अधिनियम की धारा 32(ii) (ए) के अनुसार अतिरिक्त मूल्यह्रास
  • पिछले वर्षों के मूल्यह्रास को आगे बढ़ाने या अवशोषित करने का विकल्प
  • अध्याय VI-A, 80C, 80D, 80E, 80CCC, 80CCD, 80D, 80DD, 80DDB, 80EE, 80EEA, 80EEB, 80G, 80GG, 80GGA, 80GGC, 80IA, 80-IAB, 80-IAC 80-आईबी, 80-आईबीए, आदि के तहत कर-बचत निवेश कटौती। इनमें ईएलएसएस, एनपीएस, मेडिक्लेम बीमा प्रीमियम पर पीपीएफ कर राहत, एफडीआर आदि शामिल हैं।
  • धारा 10(14) के अनुसार निम्नलिखित भत्तों को छोड़कर बाकी सभी भत्तें:
  • विकलांग कर्मचारी को दिया गया परिवहन भत्ता
  • वाहन भत्ता
  • दौरे या स्थानांतरण लागत पर किसी कर्मचारी की यात्रा को पूरा करने के लिए भत्ते
  • डीए (Daily Allowance)
  • अनुलाभ

आईटी अधिनियम के तहत व्यक्तिगत करदाताओं का वर्गीकरण

  • निवासी और अनिवासी - 60 वर्ष से कम आयु
  • निवासी - 60 से 80 वर्ष की आयु के लोग या वरिष्ठ नागरिक
  • निवासी - 80 वर्ष से अधिक आयु के लोग या अति वरिष्ठ नागरिक

वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स स्लैब (60-80 वर्ष)

कुल आय

नई आयकर व्यवस्था

(कटौती और छूट के बिना)

₹2.5 लाख तक

शुन्य

₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक

5%

₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक

10%

₹7 लाख से ₹10 लाख तक

15%

₹10 लाख से ₹12.5 लाख तक

20%

₹12.5 लाख से ₹15 लाख तक

25%

₹15 लाख से

30%

अति वरिष्ठ नागरिक के लिए टैक्स स्लैब (80 वर्ष से अधिक)

कुल आय

नई आयकर व्यवस्था

(कटौती और छूट के बिना)

₹2.5 लाख तक

शुन्य

₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक

5%

₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक

10%

₹7 लाख से ₹10 लाख तक

15%

₹10 लाख से ₹12.5 लाख तक

20%

₹12.5 लाख से ₹15 लाख तक

25%

₹15 लाख से

30%

एचयूएफ (HUF) के लिए टैक्स स्लैब

वार्षिक आय

नई कर व्यवस्था

पुरानी कर व्यवस्था

₹2.5 लाख तक

छूट

छूट

₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक

5%

5%

₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक

10%

20%

₹7 लाख से ₹10 लाख तक

15%

20%

₹10 लाख से ₹12.5 लाख तक

20%

30%

₹12.5 लाख से ₹15 लाख तक

25%

30%

₹15 लाख से

30%

30%

घरेलू कंपनी के लिए टैक्स स्लैब

घरेलू कंपनी

निर्धारण वर्ष 2020-21

निर्धारण वर्ष 2021-22

वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए कुल कारोबार/सकल प्राप्ति ₹400 करोड़ तक

25%

शुन्य

वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए ₹400 करोड़ तक का कुल कारोबार/सकल प्राप्ति

शुन्य

25%

कोई अन्य घरेलू कंपनी

30%

30%

नई कर व्यवस्था में वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए कुछ आवश्यक आयकर कटौती भी शामिल है, जो नीचे दी गई हैं:

गृह संपत्ति से किराये की आय

धारा 24 आपको अपनी आवासीय संपत्ति की आय से गृह ऋण या गृह सुधार ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज को काटने की अनुमति देती है। आयकर नियमों के अनुसार, स्व-अधिकृत आवास के लिए गृह गिरवी पर किए गए ब्याज के लिए अधिकतम कटौती ₹ 2 लाख है।

स्वस्थ पॉलिसी प्रीमियम

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए भुगतान किए गए खर्चों की कटौती धारा 80डी के तहत पुनः प्राप्त की जा सकती है।

ई-वाहन ऋण

धारा 80EEB के तहत इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद के लिए बंधक पर ब्याज शुल्क पर ₹ 1.5 लाख तक की कटौती की मांग की जा सकती है।

केंद्रीकृत पेंशन योजनाएं

नई कर व्यवस्था के तहत, केंद्र सरकार की पेंशन योजना में किए गए योगदान के लिए धारा 80 सीसीडी (1बी) के तहत ₹50,000 तक की कटौती प्राप्त की जा सकती है।

नए और पुराने आयकर स्लैब में अंतर

आय स्लैब (₹)

पुरानी व्यवस्था

(छूट और कटौती के साथ)

नई व्यवस्था

(छूट और कटौती के बिना)

₹2.5 लाख तक

शून्य

शून्य

₹2.5 लाख से ₹5 लाख तक

5%

5%

₹5 लाख से ₹7.5 लाख तक

20%

10%

₹7 लाख से ₹10 लाख तक

20%

15%

₹10 लाख से ₹12.5 लाख तक

30%

20%

₹12.5 लाख से ₹15 लाख तक

25%

₹15 लाख से

30%

आप क्या चुनेंगे: पुरानी या नई कर व्यवस्था?

यहाँ उत्तर बहस का विषय है और ईमानदारी से कहा जाए तो इस प्रश्न का कोई सही या गलत उत्तर नहीं है। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी वित्तीय स्थिति कैसी है और आप सालाना आधार पर कितना कमाते हैं। दोनों कर वशताओं व्यवस्थाओं - पुरानी और नई के अपने-अपने पक्ष और विपक्ष हैं। हालांकि वित्तीय विशेषज्ञ और सलाहकार यह सलाह देते हैं कि आप किस तरह के दावों या छूटों में रुचि रखते हैं, इस पर ध्यान देने से पहले उचित तुलना करें, और उसके बाद ही आपको अपनी कर फाइलिंग के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

नई कर व्यवस्था चुनने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें

  • नई कर व्यवस्था के अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 80 सीसीडी (2) के तहत कटौती की अनुमति है (यहां, नियोक्ता कर्मचारियों की राष्ट्रीय पेंशन योजना में योगदान देता है)। अनुमत अधिकतम कटौती 10% है।
  • नई कर व्यवस्था वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्च कर कटौती की अनुमति नहीं देती है।
  • आयकर अधिनियम की धारा 87A के अनुसार, अधिकतम ₹ 12,500 की छूट की अनुमति है।
  • आपको अपने नियोक्ता को एक घोषणा पत्र के माध्यम से सूचित करना होगा कि आप नई कर व्यवस्था का चयन कर रहे हैं।
  • जहां तक टीडीएस का संबंध है, आप एक वित्तीय वर्ष में व्यवस्थाओं के बीच बदलाव नहीं कर सकते।

निष्कर्ष यह है कि निर्धारण वर्ष 2021-22 के लिए आयकर दरों ने देश के आर्थिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित किया है। इन नए कर स्लैब और कटौती के साथ, नई आयकर व्यवस्था और इसकी पूरी क्षमता का पता लगाया जाना बाकी है। हम केवल समय के साथ और जानेंगे!

Kotak Guaranteed Savings Plan

Features

  • Enhanced Protection Through Riders
  • Life Cover
  • Tax Savings
  • Multiple Premium Payment Terms
  • @ Guaranteed Loyalty Additions
  • Accrued Guaranteed@ Additions

Ref. No. KLI/22-23/E-BB/490

T&C

Browse our library of resources

- A Consumer Education Initiative series by Kotak Life

Similar Articles

Tax Benefit of Investing in Term Plan

How to View 26AS and Download Form 26AS Online?

Why January Is an Important Month for Saving Tax?

What To Do If Your TDS Is Not Deposited With The Government?

E-Filing of Income Tax Returns in India

What is Section 80C Deduction?

What is Salary Protection Insurance and Why You Need It

Investment Proofs You Need Submit To Lower TDS Cut From Your Salary

Tax-Free Income in India

How to e-Verify your Income Tax Return

How to File Form 16 for Salaried Employees?

A Guide to Life Insurance Policy’s Tax Benefits and Taxability

Sub-sections Under Section 80C of the Income Tax Act, 1961

What is Challan 280? How to Pay your Income Tax Online with Challan 280?

Section 80D - Medical and Health Insurance Tax Benefits Under Section 80D

Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana

Why is Form 16 Important?

All You Need to Know About Section 80C

Tax Benefits for Startups in India

What is TDS Slab?

Section 16 of the Income Tax Act (ITA), 1961

How to Check Income Tax Refund Status Online in India

What are the Different Types of Taxes in India?

Guide for Tax Calculation on your Salary

What is Section 195 of the Income Tax Act? TDS on Non-Residents of India

Tax Saving Guide for 2019-20

Tax-Savings Investments and Options in India

5 Popular Tax-Saving Schemes in India

Things to Do After Filing Income Tax Returns

How To Save Tax Using Life Insurance?

Tax Deductions You MUST Know

What is TDS Exemption Limit?

What is Form 16A?

Income Tax Benefits for Doctors

Income Tax Filing For NRI in India

How Much Money This Budget 2019 Can Help You Save

52 Weeks Savings Plan: Daily Savings Plans for a Better Tomorrow

All about TDS on Salary under Section 192 – Kotak Life

Tax Saving Tips: Best Ways to Save Income Tax for 2021

Tips to plan your savings in 2019

How to Get Form 16?

Tax Saving for Self Employed in India

9 Income Tax Myths That Could Cost You Money while Filing returns

How to File Income Tax Return without Form 16

What is Section 10D of the Income Tax Act?

How to Check Income Tax Refund Status Online in India

What is the Difference between Form 16 and Form 16A?

What is the TDS Rate on Salary?

What is Form 16B?

Interest Imposed Under Section 234A, 234B and 234C

Financial Planning and Best investment options for Housewives

What is the Percentage of Tax Deducted at Source (TDS)?

What is the Last ITR Filing Date and Penalty for Late Filing of ITR?

How to Check Income Tax Returns Status Onine?

Tax Season Is Coming- Know How to Save Tax

Are Financial Planning and Tax Planning the Same Thing?

How can I get Form 16B from traces?

Tax Saving Options other than Section 80C

7 Important Things to Remember While Investing in a Savings Investment Plan

Do Beneficiaries Pay Taxes on Life Insurance?

LTC Cash Voucher Scheme October 2020 – Everything You Need to Know

What is Section 80CCC of the Income Tax Act 1961

What Investment Options Come with Tax Incentives?

How to Download Form 16?

9 Point Guide on how to File Income Tax Return Online

Income Tax Deductions Under Section 80C

The Difference Between Gross Income & Total Income in Calculating Income Tax

Guaranteed Return Plans-Why is it a must for you?

5 Unusual Investments You Didn't Know for Saving Taxes in India

How to file Form 16 online?

List of Important Income Tax FAQs

What Is Advance Tax and How Is It Calculated?

When Should TDS be Deducted and Who is Liable to Deduct it?

Have You Considered Term Insurance a Part of Your Tax Planning?

How to File ITR Online

Tax Exemption and Scope of Coverage

How to File Income Tax Return - Everything You Need To Know

Difference between Section 80C, 80CCC, 80CCD & 80D

Home Investment Plan to Buy Dream Home

All about Online Income Tax Calculator

Why Tax Planning Should Be an All-year Round Activity

What is Section 80C - Explained in Detail

Everything You Need to Know About Tax Benefits of National Pension Scheme (NPS)

ITR 1: Sahaj Form

Section 80C Deductions as per Income Tax Act, 1961

ITR-6: Guide to filing ITR-6 Form online

Income Tax Deductions & Exemptions under Sections 80C, 80D & 80DDB for FY 2020-21 & 2021-22

Types of Income Tax Return (ITR) Forms

How to Pay Advance Tax Online in India

How to e file ITR on Income Tax Government Portal

Investing Lump Sum Amount

Section 44AD of Income Tax Act for AY 2020-21

Tax Benefits of ULIP Plans Available for NRIs

How to File Income Tax Return for First Time Tax Payers

How to View 26AS and Download Form 26AS Online

Presumptive Taxation for Business and Profession

TDS Due Dates of FY 2020-21 For Return Filing

Problems People Face with Tax Returns after a Job Change

What is HRA (House Rent Allowance) and How is HRA Exemption Calculated?

Role of Life Insurance in Your Financial Portfolio

Union Budget Highlights – 1st February 2022

Difference between Section 80C and 80CCC of the Income Tax Act, 1961

How to File TDS Return?

What are the Tax Benefits of Sukanya Samriddhi Yojana (SSY)?

What is TDS Refund Process?

Top 8 Tax-Saving Methods in India- Budget Planning

ITR 2 Form – Complete Guide

Impact of GST on Life Insurance in India

What are Direct Taxes? How to Avoid being Overtaxed?

What is Tax Evasion and What Are The Penalties For Tax Evasion In India?

Understanding Tax Exemptions in ULIP (Old and New)

What is ITR 5 Form and How to File ITR 5?

Form 16, Form 16A, and Form 16B?

Section 10 (10d) of Income Tax Act, 1961 on Payouts of Life Insurance Policy

Income Tax Slabs and Rates in India for FY 2021-22/AY 2022-23

Types of Riders in Insurance Policy

Section 80E: Tax Exemption on Interest on Education Loan

धारा 80सी आयकर अधिनियम, 1961

9 Tax Changes in Budget 2019 that may Impact Your Personal Financial Planning

How to Save Income Tax with Insurance

How do I Calculate My Term Insurance Premium

Penalty For Late Filing TDS Return

Saving Income tax in 2017 - 18

Received an Income Tax Notice? Your Guide to Understanding Intimations under Section 143 (1)

A Complete Guide for Filing ITR 3 Form

How To Save Tax Better with 80C

What is ITR & How to File Income Tax Return

Financial Benefits and Government Schemes Every Woman in India Should Know

Tax Structure in India

A Comprehensive Guide to Understand the ITR 7 Form

How to Claim TDS Refund for Excess TDS Deduction

Income Tax Deductions for Disabled Person Under Section 80U

Tax Planning and Tax Benefits of Life Insurance

Budget 2019: Impact on the Common Man in India

How to File Form 10E for Tax Relief on Salary Arrears?

Income Tax Filing Using Multiple Form 16

Insurance and Endowment: Everything You Need to Know!

What is Tax Deduction at Source (TDS)?

Tax Saving Options for Salaried Employees

Section 80G of Income Tax Act

How to save tax for salaried person?

Income Tax Exemption for Disabled

How to Save Tax on Salary Arrears?

What is Section 80C Deduction Limit?

All about TDS Payment Online & Due Dates

धारा 80डी आयकर अधिनियम, 1961

What is Form 26AS - All You Need To Know

Income Tax Deduction Under Section 80CCC In India

Save Income Tax by 31st March: Here Is a Checklist

What is the Difference Direct Tax and Indirect Tax

Income Tax Exemption for Physically Handicapped Dependent

Can You Get Term Insurance Without Income Proof?